डम शराड्स के नियम: इशारों और स्कोरिंग के साथ पूरी गाइड
डम शराड्स के नियम सीधे हैं: एक खिलाड़ी बिना बोले, सिर्फ़ इशारों से किसी फ़िल्म, गाने या शब्द को अपनी टीम को समझाता है। आवाज़, होंठ हिलाना और अक्षर लिखना मना है। तय समय में सही जवाब पर टीम को पॉइंट मिलता है और ज़्यादा पॉइंट वाली टीम जीतती है।
डम शराड्स के नियम: बुनियादी बातें क्या हैं?
भारत में यह खेल ज़्यादातर फ़िल्मों के नाम पर खेला जाता है, चाहे वह शादी से पहले की रात हो या कॉलेज फ़ेस्ट। नीचे वे नियम हैं जो लगभग हर घर में माने जाते हैं:
- कम से कम तीन खिलाड़ी। एक एक्टर, बाकी अंदाज़ा लगाने वाले। चार या ज़्यादा हों तो दो टीमें।
- नाम विरोधी टीम देती है। विरोधी टीम एक्टर के कान में धीरे से नाम बताती है या पर्ची थमाती है। एक्टर की अपनी टीम को नाम पता नहीं होना चाहिए।
- एक बार में एक एक्टर। हर राउंड में एक्टर बदलता है, ताकि सबकी बारी आए।
- तय समय। आम तौर पर 60 से 90 सेकंड, छोटे बच्चों के साथ दो मिनट। समय पहले से तय करें और फ़ोन की स्टॉपवॉच से गिनें।
- सिर्फ़ एक्टर की टीम अंदाज़ा लगाएगी। विरोधी टीम चुप रहेगी, जवाब फुसफुसाना भी मना है।
- सही जवाब पर एक पॉइंट। समय खत्म तो कोई पॉइंट नहीं, बारी अगली टीम की।
एक्टर क्या कर सकता है और क्या नहीं?
| चलता है | मना है |
|---|---|
| हाथ, चेहरा और पूरे शरीर से एक्टिंग | बोलना, फुसफुसाना, गुनगुनाना |
| उंगलियों से शब्दों की गिनती | होंठ हिलाकर शब्द बनाना |
| तय इशारे, जैसे फ़िल्म के लिए कैमरा घुमाना | हवा में या हथेली पर अक्षर लिखना |
| अपनी आँख, कान, नाक की ओर इशारा | कमरे की चीज़ की तरफ़ इशारा करके जवाब देना |
| सिर हिलाकर हाँ या ना बताना | ताली या चुटकी से गाने की धुन बजाना |
| टीम के सही शब्द पर नाक छूना | कागज़ पर लिखना या चित्र बनाकर दिखाना |
ध्यान रहे, सिर हिलाकर ‘हाँ, सही दिशा’ बताना हर जगह चलता है। इसी से टीम सही रास्ते पर बनी रहती है।
फ़िल्म, गाने और टीवी शो के लिए कौन से इशारे?
हर राउंड की शुरुआत में एक्टर श्रेणी बताता है, फिर शब्दों की गिनती:
- फ़िल्म: आँख के पास एक मुट्ठी रखकर दूसरे हाथ से पुराने कैमरे का हैंडल घुमाइए। फ़िल्में डेक में शोले, बर्फ़ी और दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे जैसे नाम मिलेंगे।
- गाना: मुँह के पास से दोनों हाथ बाहर की ओर खोलिए, जैसे सुर निकल रहा हो। गाने डेक में चैयां चैयां, गेरुआ और कबीरा यूँ ही जैसे गाने हैं।
- टीवी शो: दोनों उंगलियों से हवा में एक चौकोर बनाइए, जैसे टीवी की स्क्रीन। रामायण, देख भाई देख और तहक़ीक़ात जैसे शो इसी में आते हैं।
- शब्दों की गिनती: जितने शब्द, उतनी उंगलियां।
- कौन सा शब्द: पहले शब्द का नंबर उंगलियों से, फिर उस शब्द की एक्टिंग।
- सुनने में मिलता-जुलता: कान पकड़िए, फिर मिलते-जुलते शब्द की एक्टिंग। ‘सिंघम’ के लिए कान पकड़कर शेर बनना, यानी ‘सिंह’, अच्छा रास्ता है।
इशारों की पूरी सूची के लिए डम शराड्स के इशारे देखिए।
शब्द गिनने के नियम क्या हैं?
हिंदी फ़िल्मों के नाम लंबे होते हैं और उनमें ‘का’, ‘की’, ‘के’, ‘है’, ‘ले’ जैसे छोटे शब्द भरे रहते हैं। झगड़े यहीं से शुरू होते हैं, इसलिए पहले से तय करें:
- हर शब्द गिना जाएगा। ‘मुझसे दोस्ती करोगे’ तीन शब्द हैं, ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे’ चार।
- पोस्टर पर जैसा लिखा है, वैसा गिनें। ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ में तीन शब्द हैं, क्योंकि ‘एमबीबीएस’ एक ही शब्द गिना जाता है।
- अंक भी शब्द हैं। ‘एक दो तीन’ गाने में तीन शब्द हैं।
- अंग्रेज़ी नाम वाली हिंदी फ़िल्म के शब्द भी वैसे ही गिनें: ‘जब वी मेट’ में तीन शब्द हैं।
पॉइंट कब मिलेगा और कब नहीं?
| स्थिति | फ़ैसला |
|---|---|
| पूरा नाम समय के अंदर | 1 पॉइंट |
| सिर्फ़ ‘का’ या ‘की’ जैसा छोटा शब्द छूटा | आम तौर पर पॉइंट, अगर पहले से तय हो |
| नाम का बड़ा हिस्सा गलत | पॉइंट नहीं |
| एक्टर ने बोल दिया या होंठ हिलाए | पॉइंट नहीं, बारी खत्म |
| विरोधी टीम ने जवाब बोल दिया | एक्टर की टीम को पॉइंट |
| समय खत्म होने के ठीक बाद जवाब | पॉइंट नहीं |
स्कोर, टाइमर और टीम बाँटने के अलग-अलग तरीके डम शराड्स में टीम कैसे बनाएं में विस्तार से हैं।
बहस होने पर सही फ़ैसला कैसे करें?
डम शराड्स में सबसे ज़्यादा शोर नियमों पर बहस से होता है। कुछ आम मामले और उनका सीधा हल:
- ‘उसने होंठ हिलाए थे!’ पक्का सबूत न हो तो शक का फ़ायदा एक्टर को दें। दोबारा हो तो फ़ाउल।
- ‘यह फ़िल्म तो किसी ने सुनी ही नहीं।’ विरोधी टीम ऐसा नाम दे जो कम से कम एक व्यक्ति ने सुना हो। बहुत अनजाना नाम हो तो अंपायर उसे बदलवा सकता है।
- ‘गाना गुनगुनाया!’ गुनगुनाना आवाज़ है, इसलिए मना। हाँ, गाने का डांस स्टेप करना सिर्फ़ इशारा है और चलता है।
- ‘पंखे की तरफ़ इशारा किया।’ कमरे की चीज़ से जवाब देना फ़ाउल है, चाहे इरादा न हो।
सबसे अच्छा तरीका: खेल से पहले दो मिनट में ये सब नियम सबके सामने बोल दें और एक अंपायर चुन लें। फिर किसी को शिकायत का मौका नहीं मिलता।
अगर पर्चियां लिखने और टाइमर संभालने का झंझट नहीं चाहिए तो Act Up ऐप में तैयार डेक मिलते हैं, जहाँ फ़ोन झुकाकर पॉइंट या पास होता है। ऐप डाउनलोड करें और अगली महफ़िल में आज़माइए।