डम शराड्स टिप्स: जल्दी एक्टिंग करें और तेज़ी से पहचानें
डम शराड्स टिप्स में सबसे काम की बात: लंबे नाम को टुकड़ों में तोड़िए, सबसे आसान शब्द पहले कीजिए, चेहरे के भाव बड़े रखिए और जानी-पहचानी नकल को शॉर्टकट बनाइए। टीम लगातार ज़ोर से अंदाज़ा लगाए और एक्टर हर सही दिशा पर तुरंत इशारा करे।
डम शराड्स टिप्स: एक्टिंग से पहले पाँच सेकंड क्यों ज़रूरी हैं?
नाम सुनते ही हाथ-पैर चलाने लगना सबसे आम गलती है। पहले पाँच सेकंड में मन ही मन तीन बातें तय कर लीजिए:
- कौन सा शब्द सबसे आसान है? ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे’ में ‘दुल्हनिया’ सबसे आसान है: घूँघट और मेहंदी वाले हाथ।
- क्या पूरा नाम एक सीन में दिख सकता है? ‘शोले’ के लिए आग की लपटें, ‘सिंघम’ के लिए पुलिस वाला गुस्सा।
- कोई मशहूर नकल काम आएगी? फ़िल्म के हीरो की चाल या मशहूर सीन सबसे तेज़ रास्ता होता है।
यह छोटा सा प्लान पूरे टर्न का आधा समय बचा देता है।
लंबे फ़िल्मी नाम को टुकड़ों में कैसे तोड़ें?
हिंदी फ़िल्मों के नाम अक्सर पूरे वाक्य होते हैं। उन्हें शब्दों में बाँटिए और सिर्फ़ ज़रूरी शब्द कीजिए:
| फ़िल्म | किस शब्द से शुरू करें | कैसे |
|---|---|---|
| मुन्ना भाई एमबीबीएस | एमबीबीएस | गले में स्टेथोस्कोप, नब्ज़ देखना |
| बंटी और बबली | पूरा नाम | दो चोरों की तरह दबे पाँव चलना और हाई फ़ाइव |
| अंदाज़ अपना अपना | अपना | दोनों हाथ सीने पर, ‘मेरा’ वाला भाव |
| जब वी मेट | मेट | दो लोगों का हाथ मिलाना |
| हेरा फेरी | फेरी | दोनों हाथ आपस में बदल-बदल कर घुमाना |
‘का’, ‘की’, ‘और’ जैसे छोटे शब्द आख़िर के लिए छोड़ दीजिए, टीम उन्हें खुद भर देती है।
चेहरे के भाव से आधा काम कैसे होता है?
डम शराड्स में चेहरा आपकी आवाज़ है। हाथ क्या कर रहे हैं, इससे पहले टीम आपका चेहरा पढ़ती है।
- भाव बड़े रखिए। गुस्सा हो तो आँखें फाड़िए, डर हो तो पूरा शरीर काँपे। हल्का भाव कोई नहीं पकड़ता।
- भावनाएं अलग से अभ्यास कीजिए। भावनाएं डेक के कार्ड, जैसे घबराहट, राहत की साँस, झेंप, खिसियाना और नकली मुस्कान, चेहरे के अभ्यास के लिए बेहतरीन हैं।
- एक भाव, एक पल। भावों को मिलाइए मत। पहले ख़ुशी पूरी दिखाइए, फिर दुख।
बॉलीवुड सितारों की नकल को शॉर्टकट कैसे बनाएं?
भारत में हर कोई कुछ अंदाज़ तुरंत पहचानता है। बिना बोले उनकी चाल, हाथ या चेहरा दिखाना कई बार पूरे नाम से तेज़ होता है।
- अमिताभ बच्चन: ऊँची गर्दन, धीरे-धीरे चलना और गहरी नज़र।
- सनी देओल: मुट्ठी भींचकर हाथ ऊपर उठाना, जैसे ढाई किलो का हाथ।
- गब्बर सिंह: कमर पर हाथ, ठुड्डी खुजाना और पत्थर पर पैर।
- चुलबुल पांडे: कॉलर के पीछे चश्मा टाँगना।
- सर्किट: हाथ हिलाकर ‘भाई’ वाला अंदाज़, कंधे झुकाए।
ये सभी नकल करो डेक में मिलते हैं, और यह डेक ऐप में हमेशा मुफ़्त है। याद रखिए, डायलॉग बोलना या होंठ से बनाना फ़ाउल है, सिर्फ़ अंदाज़ दिखाना है।
अंदाज़ा लगाने वाली टीम तेज़ कैसे बने?
जीत सिर्फ़ एक्टर से नहीं होती। अच्छी टीम आधा काम कर देती है:
- ज़ोर से और लगातार बोलिए। चुप टीम एक्टर को अंधेरे में छोड़ देती है।
- एक-दूसरे का जवाब आगे बढ़ाइए। किसी ने ‘डॉक्टर’ कहा, तो आप ‘मुन्ना भाई’ जोड़िए।
- श्रेणी याद रखिए। फ़िल्म बताई गई है तो फ़िल्मों के नाम ही सोचिए, शब्द नहीं।
- शब्दों की गिनती पर ध्यान दीजिए। तीन शब्द हैं तो चार शब्दों वाले नाम मत बोलिए।
- एक व्यक्ति शब्द जोड़ता रहे। जो शब्द मिल चुके हैं, उन्हें बार-बार दोहराता रहे: ‘भाई… कुछ भाई…’
कौन सी गलतियां सबसे ज़्यादा पॉइंट गंवाती हैं?
| गलती | नुकसान | बेहतर तरीका |
|---|---|---|
| नाम के क्रम से ही एक्टिंग करना | ‘का’, ‘की’ पर समय बर्बाद | सबसे आसान शब्द पहले |
| बहुत छोटे और धीमे इशारे | पीछे बैठे लोग देख नहीं पाते | पूरा शरीर इस्तेमाल कीजिए, सबके सामने खड़े होइए |
| गलत जवाब पर झुँझलाना | टीम घबरा जाती है | हाथ हिलाकर शांति से ‘नहीं’ कहिए |
| सही दिशा पर इशारा न करना | टीम उसी जवाब को छोड़ देती है | करीब हो तो तुरंत अपनी ओर बुलाने का इशारा |
| आदत से होंठ हिल जाना | पूरी बारी फ़ाउल | होंठ हल्के दबाकर रखिए |
| बीच में श्रेणी बदल देना | टीम उलझ जाती है | शुरुआत में ही साफ़ इशारा दें |
इनमें सबसे महंगी गलती होंठ हिल जाना है। कई अच्छे एक्टर उत्साह में बिना सोचे होंठ हिला देते हैं और जीता हुआ राउंड हार जाते हैं। घर पर आईने के सामने दो-तीन कार्ड चुपचाप करके देखिए, आदत जल्दी छूट जाती है।
अटक जाएं तो क्या करें?
हर कोई कभी न कभी अटकता है। समय बर्बाद करने के बजाय ये रास्ते अपनाइए:
- शब्द बदलिए। एक शब्द पर पंद्रह सेकंड से ज़्यादा मत रुकिए।
- मिलता-जुलता शब्द आज़माइए। कान पकड़कर कोई आसान मिलती आवाज़ वाला शब्द कीजिए।
- पूरा सीन दिखाइए। शब्द-शब्द न बने तो फ़िल्म का सबसे मशहूर सीन कीजिए।
- टीम के आख़िरी अंदाज़े से काम लीजिए। अगर वह करीब था, तो हाथ से ‘और बोलो’ का इशारा करते रहिए।
इशारों को पक्का करने के लिए डम शराड्स के इशारे एक बार ज़रूर पढ़ लें, और अगली बार फ़िल्में डेक से अभ्यास कीजिए।