क्या डम शराड्स में बोल सकते हैं? आवाज़ और इशारों के नियम
क्या डम शराड्स में बोल सकते हैं? एक्ट करने वाला बिल्कुल नहीं: न शब्द, न होंठ हिलाकर इशारा, न गुनगुनाना। सिर हिलाकर हाँ या ना बताना, ताली और चेहरे के भाव पूरी तरह चलते हैं। अंदाज़ा लगाने वाली टीम जितना चाहे बोल सकती है।
एक्ट करने वाला क्या कर सकता है और क्या नहीं?
| काम | क्लासिक नियम | टिप्पणी |
|---|---|---|
| कोई भी शब्द बोलना | मना | हिंदी, अंग्रेज़ी, किसी भी भाषा में नहीं |
| होंठ हिलाकर शब्द बनाना | मना | बिना आवाज़ के भी यह बोलना माना जाता है |
| गाना गुनगुनाना या सीटी बजाना | मना | सिर्फ़ गाकर दिखाओ वाले राउंड में चलता है |
| जानवर या चीज़ की आवाज़ निकालना | मना | सिर्फ़ आवाज़ निकालो वाले राउंड में चलता है |
| हवा में अक्षर लिखना | मना | ज़्यादातर ग्रुप इसे लिखकर बताना मानते हैं |
| कमरे की किसी चीज़ की ओर इशारा करके उसका नाम बताना | मना | जैसे घड़ी की ओर इशारा करके “घड़ी” बताना |
| सिर हिलाकर हाँ या ना | चलता है | टीम सही दिशा में जा रही है, यह बताने का तरीका |
| चेहरे के भाव, हाथ, पूरा शरीर | चलता है | यही तो पूरा खेल है |
| अपनी या किसी खिलाड़ी की ओर इशारा | ग्रुप तय करे | “मैं” या “तुम” बताने के लिए कई ग्रुप इसे मान लेते हैं |
सबसे आम बहसें और उनके फ़ैसले
हर परिवार में डम शराड्स के दौरान कोई न कोई बहस ज़रूर होती है। यहाँ सबसे आम बहसों के सीधे फ़ैसले हैं:
- “मैंने सिर्फ़ होंठ हिलाए, आवाज़ नहीं निकाली।” फ़ैसला: यह भी बोलना है। कार्ड रद्द।
- “मैंने तो बस पंखे की तरफ़ इशारा किया।” फ़ैसला: अगर जवाब ही पंखा था, तो यह नियम तोड़ना है। लेकिन हवा चलने का एहसास दिखाने के लिए हाथ से पंखा झलना ठीक है।
- “मैंने ग़लती से हाँ बोल दिया।” फ़ैसला: ज़्यादातर ग्रुप एक बार की “हाँ” या “ना” को चेतावनी देकर छोड़ देते हैं। बार-बार हो तो कार्ड रद्द।
- “मैंने चुटकी बजाई, वह तो आवाज़ है।” फ़ैसला: ताली और चुटकी आम तौर पर चलती है, क्योंकि इनसे कोई शब्द नहीं बनता। बस इनसे कोई धुन न बजाएं।
- “मैंने गाने की धुन पर सिर्फ़ ताल दी।” फ़ैसला: पैर से ताल देना चलता है, गुनगुनाना नहीं।
- “विरोधी टीम ने ही जवाब चिल्ला दिया।” फ़ैसला: नियम विरोधी टीम ने तोड़ा है, इसलिए पॉइंट एक्ट करने वाली टीम को मिलेगा।
इन मामलों में सबसे अच्छा तरीका है खेल शुरू होने से पहले एक जज या होस्ट चुनना, जिसका फ़ैसला आख़िरी हो।
क्या अंदाज़ा लगाने वाले डम शराड्स में बोल सकते हैं?
नियम सिर्फ़ एक्ट करने वाले पर है। उसकी टीम जितना चाहे बोल सकती है, जितने चाहे अंदाज़े लगा सकती है, और जवाब के टुकड़े ज़ोर से दोहरा सकती है ताकि एक्ट करने वाला सिर हिलाकर बता सके कि कौन सा सही है। बस दूसरी टीम चुप रहे। अगर विरोधी टीम ने ज़ोर से सही जवाब बोल दिया, तो वह पॉइंट एक्ट करने वाली टीम को मिलता है।
बिना बोले शब्द कैसे समझाएं?
बोलने की जगह इशारों की एक भाषा है, जिसे सब पहले से जानते हैं:
- फ़िल्म: एक हाथ आँख के पास रखकर दूसरे हाथ से पुराने कैमरे का हैंडल घुमाना।
- गाना: मुँह के पास से हाथ बाहर की ओर लहराना।
- शब्दों की गिनती: उंगलियाँ दिखाकर।
- छोटा शब्द: अंगूठा और उंगली पास लाकर, जैसे का, की, है।
- सुनने में मिलता-जुलता: कान पकड़कर।
- सही जवाब: नाक छूकर उस खिलाड़ी की ओर इशारा।
- करीब हैं, और बोलो: हाथ से अपनी ओर बुलाने का इशारा।
पूरी सूची और हर इशारे का सही तरीका डम शराड्स के इशारे में है।
आवाज़ निकालो: जब आवाज़ ही खेल हो
अगर आपका ग्रुप थोड़ा अलग मज़ा चाहता है, तो एक राउंड आवाज़ वाला रखें। इसमें शब्द बोलना अब भी मना है, लेकिन आवाज़ें निकालना ही खेल है। ये आवाज़ निकालो डेक के कार्ड हैं:
- भौं भौं: सबसे आसान, बच्चों की पहली पसंद।
- प्रेशर कुकर की सीटी: हर भारतीय रसोई की पहचान, पहली सीटी पर ही लोग पकड़ लेते हैं।
- घड़ी की टिक टिक: जीभ से टिक टिक और उंगली से सुई घुमाना।
- साइकिल की घंटी: हैंडल पकड़कर अंगूठे से घंटी बजाने का इशारा और आवाज़।
- खर्राटा: यह मज़ेदार कार्ड है, आँखें बंद करें और पूरे जोश से खर्राटे।
- झींगुर की झन-झन: सबसे मुश्किल, रात के सन्नाटे जैसा माहौल बनाना पड़ता है।
यह राउंड क्लासिक खेल के बीच में एक ब्रेक की तरह अच्छा लगता है, और छोटे बच्चे इसमें ख़ूब हँसते हैं।
बोलने का नियम सख़्ती से क्यों मानें?
खेल का पूरा मज़ा इसी में है कि आप बिना शब्दों के समझा पाते हैं या नहीं। अगर होंठ हिलाने या एक-दो शब्द बोलने की छूट मिल जाए, तो खेल जल्दी ख़त्म होता है और हँसी कम हो जाती है। सबसे ज़्यादा ठहाके तभी लगते हैं जब कोई पूरी ताक़त से “मुग़ल-ए-आज़म” एक्ट कर रहा हो और टीम कुछ और ही समझ रही हो।
छोटे बच्चों के साथ थोड़ी नरमी रखें। वे ग़लती से बोल दें तो पॉइंट न काटें, बस प्यार से अगला कार्ड दे दें। आसान कार्डों से शुरुआत करनी हो तो करके दिखाओ डेक में खाना खाना, भागना और सिक्का उछालना जैसे कार्ड हैं, जिनके लिए बोलने की ज़रूरत ही महसूस नहीं होती।