दिवाली डम शराड्स: त्योहार की पार्टी के लिए शब्द और आइडिया
दिवाली डम शराड्स के लिए सबसे अच्छे शब्द हैं: दीये जलाना, रंगोली, लक्ष्मी पूजा, पटाखे, गुलाब जामुन, सोन पापड़ी का डिब्बा और रामायण के किरदार। पूजा और खाने के बाद पूरे परिवार को दो टीमों में बांटें और तीन-चार राउंड खेलें।
दिवाली डम शराड्स: त्योहार की रात यह खेल क्यों जमता है?
दिवाली साल का वह समय है जब पूरा परिवार एक छत के नीचे होता है। दूर शहरों से बच्चे घर लौटते हैं, ताऊ और मामी आते हैं, और लक्ष्मी पूजा के बाद लंबी शाम बचती है। पटाखे कुछ देर चलते हैं, फिर सब बैठक में आ जाते हैं। यही समय डम शराड्स का है। बच्चे, बड़े और बुज़ुर्ग, सब एक साथ खेल सकते हैं, और इसके लिए कुछ ख़रीदना नहीं पड़ता।
दिवाली मिलन, भाई दूज और ऑफ़िस की दिवाली पार्टी में भी यह खेल ख़ूब चलता है।
त्योहार और पूजा वाले कार्ड
ये त्योहार डेक के कार्ड हैं, साथ में कुछ आम दिवाली आइडिया:
| कार्ड | एक्ट करने का तरीका |
|---|---|
| दीये जलाना | एक हाथ में दीया, दूसरे से माचिस जलाकर बत्ती सुलगाएं |
| पटाखे | ज़मीन पर कुछ रखें, जलाएं, कान बंद करके पीछे भागें |
| गोवर्धन पूजा | एक उंगली पर पूरा पहाड़ उठाने का इशारा |
| अन्नकूट | ढेर सारे पकवान सजाकर भोग लगाना |
| देव दीपावली | नदी के घाट पर क़तार में दीये रखना |
| रंगोली बनाना | ज़मीन पर बैठकर चुटकी से रंग बिखेरें और डिज़ाइन बनाएं |
| लक्ष्मी पूजा | थाली में आरती घुमाएं और हाथ जोड़ें |
| धनतेरस की ख़रीदारी | दुकान पर बर्तन उठाकर देखें, मोलभाव करें |
आख़िरी तीन कार्ड डेक के बाहर के आम आइडिया हैं, जिन्हें आप पर्चियों पर जोड़ सकते हैं।
मिठाई और पकवान: दिवाली का असली स्वाद
दिवाली मिठाई के बिना अधूरी है। ये मिठाई डेक के कार्ड हैं:
- गुलाब जामुन: छोटी गोल गोली बनाएं, चाशनी में डुबोएं और पूरा मुँह में डाल लें।
- मोतीचूर का लड्डू: हथेलियों में गोल लड्डू बाँधने का इशारा।
- सोन पापड़ी का डिब्बा: यह मज़ेदार कार्ड है। डिब्बा किसी को देने का अभिनय करें, उसका चेहरा उतरता दिखाएं, फिर वही डिब्बा आगे किसी और को पकड़ा दें। पूरा कमरा तुरंत समझ जाता है।
- सूखे मेवे की बर्फ़ी: बर्फ़ी के टुकड़े काटें और चाँदी का वर्क लगाने का इशारा।
- गाजर का हलवा: कद्दूकस करने और कड़ाही में घोटने का इशारा।
नमकीन वाले राउंड के लिए खाना डेक से समोसा, कचौड़ी, दही वड़ा और मालपुआ जैसे कार्ड मिलाएं।
रामायण के किरदार: दिवाली की कहानी
दिवाली की परंपरा राम के चौदह साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटने और लोगों के दीये जलाकर स्वागत करने की कथा से जुड़ी है। इसलिए रामायण के किरदारों वाला राउंड इस त्योहार पर ख़ास जँचता है। ये पौराणिक कथाएं डेक के कार्ड हैं:
- राम: धनुष पर बाण चढ़ाने का इशारा।
- हनुमान: कंधे पर गदा रखें, फिर एक हथेली पर पहाड़ उठाकर उड़ान भरें।
- जटायु: बड़े पंख फैलाकर लड़ाई का अभिनय।
- कैकेयी: रूठकर कोने में बैठ जाना और मुँह फेर लेना।
- कुंभकर्ण: ज़ोर से खर्राटे लेने का अभिनय, कोई ढोल बजाए तब भी न उठें।
- मंदोदरी: रानी की तरह बैठकर चिंता में हाथ मलना, यह मुश्किल कार्ड है।
परिवार वाला राउंड: रिश्तेदारों की पहचान
दिवाली पर रिश्तेदारों से मिलना होता है, तो रिश्तों वाला राउंड भी रखें। ये परिवार डेक के कार्ड हैं: दादी, नानी, ताऊ, मामी, फूफा, जीजा, भाभी और मज़ेदार कार्ड “रिश्ते में चाचा लगते हैं”। रिश्ते को एक्ट करना मुश्किल और मज़ेदार दोनों है: जीजा के लिए शादी में दूल्हे का सेहरा और फिर बहन की ओर इशारा, फूफा के लिए किसी बात पर रूठकर बैठ जाना। हर परिवार में इस पर ठहाके लगते हैं, बस किसी को चोट पहुँचाने वाला मज़ाक़ न करें।
ऑफ़िस की दिवाली पार्टी के लिए
ऑफ़िस की दिवाली पार्टी में अलग-अलग राज्यों और परंपराओं के लोग होते हैं, इसलिए कार्ड ऐसे रखें जो सबको जोड़ें:
- त्योहार के आम कार्ड: दीये जलाना, रंगोली बनाना, मिठाई का डिब्बा देना और दिवाली की सफ़ाई। आख़िरी वाला घर के काम डेक का कार्ड है, और हर कोई उससे गुज़रा है।
- मिठाई का राउंड: हर टीम अपने राज्य की कोई मिठाई एक्ट करे, जैसे संदेश, मैसूर पाक, पूरन पोली या श्रीखंड।
- दिवाली बोनस वाला मज़ाक़: बोनस मिलने की ख़ुशी या सोन पापड़ी का डिब्बा मिलने की हैरानी, ऑफ़िस में ये कार्ड ख़ूब चलते हैं।
- समय: हर टर्न 60 सेकंड, पूरा खेल 30 मिनट।
दिवाली की शाम का तैयार प्लान
- पूजा और खाने के बाद: दो टीमें बनाएं, हर टीम में बच्चे, बड़े और बुज़ुर्ग।
- पहला राउंड, त्योहार: दीये, रंगोली, पटाखे जैसे आसान कार्ड, 60 सेकंड।
- दूसरा राउंड, मिठाई: गुलाब जामुन से सोन पापड़ी तक।
- तीसरा राउंड, रामायण: किरदार, 90 सेकंड।
- आख़िरी राउंड, परिवार: रिश्तेदारों वाले कार्ड।
- इनाम: जीतने वाली टीम को मिठाई का डिब्बा। हारने वाली टीम को कल की सफ़ाई में मदद करनी होगी।
पटाखे जलाने वाले कार्ड सिर्फ़ एक्टिंग के लिए हैं। बच्चों को एक्ट करते समय भी बता दें कि असली पटाखे हमेशा बड़ों की निगरानी में ही जलाएं।